धार में शनिवार दोपहर करीब 3:20 बजे एक बार फिर रिमझिम बारिश हुई। करीब 10 से 15 मिनट तक हुई बारिश से पिछले तीन सप्ताह से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को कुछ राहत मिली। खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल को नमी मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली, वहीं मौसम भी सुहाना हो गया। पिछले तीन दिनों से धार में मौसम बदला हुआ है। 3 सितंबर की रात तेज बारिश के बाद शुक्रवार और शनिवार को भी रिमझिम बारिश हुई। बारिश नहीं होने और तेज धूप के कारण कई खेतों में सोयाबीन की फसल सूखने लगी थी। ऐसे में शनिवार की बारिश से फसल को कुछ राहत मिली है। पिछले साल से 379 मिमी कम बारिश इस मानसून सीजन में धार शहर में 5 सितंबर तक 566.7 मिमी (करीब 22.31 इंच) बारिश दर्ज हुई है। पिछले साल इसी अवधि तक 945.7 मिमी (करीब 37.23 इंच) बारिश हो चुकी थी। यानी इस साल पिछले साल की तुलना में 379 मिमी (करीब 14.92 इंच) कम बारिश हुई है। जलस्रोतों में भी नहीं पहुंचा पर्याप्त पानी लगातार तेज बारिश नहीं होने से नदी-नालों और अन्य जलस्रोतों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया है। किसानों को खरीफ फसल को लेकर चिंता बनी हुई है। वहीं आम लोगों को भी आशंका है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो गर्मी में पेयजल संकट की स्थिति बन सकती है। शनिवार की रिमझिम बारिश से फिलहाल फसलों को थोड़ी नमी मिली है, लेकिन किसानों को अब भी अच्छी और तेज बारिश का इंतजार है।