पन्ना शहर में आवारा कुत्तों का आतंक मासूम बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। आवारा कुत्तों के हमले में दो बच्चियां, प्राप्ति और पट्टू, बुरी तरह घायल हो गईं। उन्हें लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में नाराजगी और डर का माहौल है। जानकारी के अनुसार, प्राप्ति और पट्टू घर के पास थीं, तभी अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग दौड़े। उन्होंने मुश्किल से कुत्तों को भगाया और बच्चियों को बचाया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिसके बाद परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले गए। स्थानीय निवासी अखिलेश और स्वतंत्र प्रभाकर का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बहुत बढ़ गई है। रात के समय सड़कों और गलियों में कुत्तों के झुंड घूमते नजर आते हैं। ये राहगीरों और बाइक चालकों पर अचानक हमला कर देते हैं, जिससे आए दिन हादसे होने का डर रहता है। समाजसेवी नंद किशोर का आरोप है कि कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर नगर पालिका और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन, आज तक कोई ठोस नसबंदी या पकड़ने का अभियान नहीं चलाया गया। शहर के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अभियान चलाकर तुरंत आवारा कुत्तों पर नियंत्रण किया जाए, ताकि प्राप्ति और पट्टू जैसी मासूम बच्चियां दोबारा इस तरह की घटना का शिकार न बनें।