मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार जनजातीय परिवारों को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू कर रही है। इसके तहत तीन लाख "आदि कर्मयोगियों" का एक समर्पित संवर्ग तैयार किया जाएगा, जिसका उद्देश्य हर जनजातीय परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इस पहल से प्रदेश के 41 जिलों के 11 हजार 294 जनजातीय बहुल गांवों में रहने वाले परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की "विकसित भारत" की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें जनजातीय परिवारों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इसका प्राथमिक लक्ष्य जनजातीय कल्याण के लिए उत्तरदायी, पारदर्शी और जवाबदेह शासन को बढ़ावा देना है।

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत, विशेषज्ञ संस्था भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन (बी.आर.एल.एफ) द्वारा आदि कर्मयोगियों को राज्य, जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर तैयार किया जा रहा है।

राष्ट्रीय मिशन: जमीनी स्तर पर सशक्तिकरण

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 02 अक्टूबर 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया था। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा इस अभियान के अंतर्गत आदि कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किया गया है। यह एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर शासन-प्रशासन तंत्र तथा सेवाओं को जनजातीय परिवारों के हित में मजबूत बनाना है। इस अभियान से देश में 20 लाख जिला अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों का एक कैडर विकसित हो रहा है, जिसमें मध्य प्रदेश के तीन लाख आदि कर्मयोगी शामिल हैं।

यह अभियान केंद्र से लेकर विकासखंड स्तर तक जनजातीय विकास के संपूर्ण दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा और सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास बढ़ाने का कार्य करेगा। आदि कर्मयोगी अभियान के प्रथम चरण में देश के 27 राज्यों के 326 जिलों को शामिल किया गया है, जिसमें मध्य प्रदेश के 41 जिले शामिल हैं।

अभियान अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ग्राम स्तर पर मुख्य रूप से महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे आवास, सड़क, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य में सौ प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना है।

स्टेट प्रोसेस लैब प्रशिक्षण का चार दिवसीय दूसरा सत्र 23 अगस्त से भोपाल सहित 24 जिलों में शुरू हो रहा है। प्रथम चरण के 17 जिलों में एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम हुआ। राज्य स्तरीय प्रोसेस लैब प्रशिक्षण के प्रथम चरण में 11 से 14 अगस्त को भोपाल में दो स्थानों पर 17 जिलों के 136 डिस्ट्रिक्ट मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया। डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब 20 से 22 अगस्त तक चली। इसमें केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके और मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मार्गदर्शन दिया।

आदि कर्मयोगी अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्य, जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर उत्तरदायी समूह बनाये गये हैं। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव, जिला स्तर पर संबंधित कलेक्टर और विकासखंड स्तर पर एसडीएम उत्तरदायी समूहों की अध्यक्षता करेंगे।

जनजातीय बहुल गांव अब नया परिवर्तन अनुभव करने के लिए तैयार हो रहे हैं। सड़क संपर्क, पक्के मकान, पेयजल, घरेलू बिजली, आयुष्यमान भारत, डिजिटल सेवा जैसी सेवाओं से जनजातीय परिवार अब वंचित नहीं रहेंगे। प्रदेश में आदि सेवा केन्द्र बनाने की भी तैयारी है, जहां शिकायत निवारण रजिस्टर, नोडल अधिकारियों के संपर्क नम्बर और ग्राम के विकास का विजन तैयार करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जायेगा। यह पहल निश्चित रूप से मध्य प्रदेश के जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।